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Bihar Crime News: भोजपुर में डेढ़ फीट जमीन के विवाद ने ली दो जान, खूनी संघर्ष से दहला मदई गांव

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भोजपुर जिले के चरपोखरी थाना क्षेत्र स्थित मदई गांव में डेढ़ फीट जमीन को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसक संघर्ष हो गया। घटना में दो लोगों की मौत हो गई जबकि महिला समेत कई लोग घायल हो गए। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है।

भोजपुर/आलम की खबर:बिहार के भोजपुर जिले से जमीन विवाद में खूनी संघर्ष की बड़ी घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को दहला कर रख दिया है। चरपोखरी थाना क्षेत्र के मदई गांव में महज डेढ़ फीट जमीन को लेकर दो पक्षों के बीच लंबे समय से चला आ रहा विवाद शुक्रवार की शाम हिंसक टकराव में बदल गया। देखते ही देखते गांव का माहौल युद्ध जैसे हालात में तब्दील हो गया। दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए और लाठी-डंडे, लोहे की रॉड तथा धारदार हथियारों से हमला शुरू हो गया। इस खूनी संघर्ष में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि महिला समेत करीब एक दर्जन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे गांव में तनाव और दहशत का माहौल बना हुआ है।

जानकारी के मुताबिक मदई गांव में दो परिवारों के बीच जमीन की सीमांकन को लेकर करीब एक साल से विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि जिस जमीन को लेकर झगड़ा हुआ, वह केवल डेढ़ फीट चौड़ी जगह थी, लेकिन दोनों पक्ष उस पर अपना दावा कर रहे थे। कई बार गांव स्तर पर पंचायत बैठी और मामला थाने तक भी पहुंचा, लेकिन विवाद का स्थायी समाधान नहीं निकल सका। धीरे-धीरे दोनों परिवारों के बीच तनाव बढ़ता गया और आखिरकार शुक्रवार को मामला हिंसा तक पहुंच गया।

ग्रामीणों के अनुसार शाम के समय एक पक्ष द्वारा निर्माण कार्य कराने की कोशिश की जा रही थी। इसी दौरान दूसरे पक्ष के लोग वहां पहुंच गए और दोनों ओर से कहासुनी शुरू हो गई। कुछ ही देर में विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के लोग हथियार लेकर आमने-सामने आ गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि गांव की गलियां चीख-पुकार से गूंज उठीं और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। कई महिलाओं ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई।

इस हिंसक झड़प में एक पक्ष के 30 वर्षीय राधेश्याम सिंह और दूसरे पक्ष के 72 वर्षीय राजनाथ सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने इलाज के दौरान उन्हें मृत घोषित कर दिया। दो लोगों की मौत की खबर मिलते ही गांव में मातम पसर गया। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।

घटना में करीब 12 लोगों के घायल होने की बात सामने आई है। घायलों में महिलाएं भी शामिल हैं। कई लोगों के सिर, हाथ और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। सभी घायलों को पहले चरपोखरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण कई लोगों को आरा सदर अस्पताल रेफर करना पड़ा। अस्पताल में घायलों का इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार कुछ घायलों की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है।

घटना की सूचना मिलते ही चरपोखरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया और दोनों पक्षों को अलग कराया। गांव में तनाव को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस लगातार गांव में गश्त कर रही है ताकि दोबारा कोई हिंसक घटना न हो। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

घायल पक्ष के लोगों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एक पक्ष का कहना है कि जिस जमीन पर उनका मकान बना हुआ है, उसी पर दूसरा पक्ष कब्जा करना चाहता था। आरोप है कि कई दिनों से उन्हें धमकियां दी जा रही थीं और शुक्रवार को अचानक घर में घुसकर हमला कर दिया गया। वहीं दूसरे पक्ष का दावा है कि जमीन की सरकारी स्तर पर मापी कराई गई थी और उसी आधार पर निर्माण कराया जा रहा था। उनका आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान विरोधी पक्ष ने हमला कर दिया, जिसके बाद विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया।

मृतक राधेश्याम सिंह के बारे में बताया जा रहा है कि वह बाहर एक निजी कंपनी में नौकरी करते थे और कुछ दिन पहले ही गांव लौटे थे। परिवार को उम्मीद थी कि वह छुट्टियां बिताकर वापस काम पर लौट जाएंगे, लेकिन इससे पहले ही उनकी मौत की खबर ने पूरे परिवार को तोड़ दिया। वहीं राजनाथ सिंह गांव के बुजुर्ग और परिवार के मुखिया माने जाते थे। उनकी मौत से भी परिवार गहरे सदमे में है। गांव के लोग इस घटना को बेहद दुखद बता रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि शुरुआती स्तर पर प्रशासन ने इस जमीन विवाद का समाधान करा दिया होता तो इतनी बड़ी घटना नहीं होती। ग्रामीणों ने प्रशासन पर समय रहते कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है। लोगों का कहना है कि गांव में पहले भी कई बार विवाद की स्थिति बनी थी, लेकिन उसे गंभीरता से नहीं लिया गया।

पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। गांव में फिलहाल तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और पुलिस हर गतिविधि पर नजर रखे हुए है।

बिहार में जमीन विवाद को लेकर होने वाली हिंसक घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। छोटी-छोटी जमीन को लेकर परिवारों और गांवों के बीच संघर्ष की घटनाएं आम होती जा रही हैं। मदई गांव की यह घटना भी इसी बढ़ते तनाव और प्रशासनिक लापरवाही की बड़ी तस्वीर पेश करती है। फिलहाल पूरे इलाके में लोग सहमे हुए हैं और पुलिस स्थिति सामान्य करने में जुटी हुई है।

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